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NSE चेयरमैन अशोक चावला ने दिया अपने पद से इस्तीफा 

NSE चेयरमैन अशोक चावला ने दिया अपने पद से इस्तीफा 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE  के चेयरमैन अशोक चावला ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. एक्सचेंज ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि हाल के दिनों में कुछ कानूनी मसलों को ध्यान में रखते हुए चावला ने अपने पद से इस्तीफा दिया है. एक वाक्य प्रेस रिलीज में इसके बारे में कोइ विस्तृत जानकारी नहीं दी गयी  है. अशोक चावला का यह इस्तीफा ठीक उसी दिन आया है जिस दिन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के विशेष अदालत को बताया कि उसने कुछ फाइलों को लेकर मंत्रालय से रोक लगाने की अनुमति ले ली है. यह मामला एयरसेल मैक्सिस डील से जुड़ा हुआ है जिसमें अशोक चावला का भी नाम है.

इसके पहले भी मीडिया रिपोर्ट्रस में कयास लगाए जा रहे थे कि एयरसेल—मैक्सिस केस के जांच के दौरान चावला को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा है कि अब इस पद के लिए फिट नहीं है. सेबी के स्टॉक एक्सचेंज व कॉर्पोरेशन नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति जिसपर नैतिक अक्षमता या आर्थिक आरोप लगे हों, वो स्टॉक एक्सचेंज का नेतृत्व नहीं कर सकता है. अक्टूबर माह में ही सेबी ने चावला के चेयरमैनशिप की जांच शुरू कर दी थी. सेबी ने यह जांच चावला के खिलाफ लगे दो शिकायतों के बाद की थी जिसमें सीबीआई जांच कर रही थी. शुरुआती जांच के बाद सेबी ने वित्त मंत्रालय को कहा था कि यदि चावला पर आरोपों को लेकर चार्जेज लगते हैं तो उन्हें चेयरमैन पद के लिए फिट करार नहीं दिया जाएगा.

इस विशेष अदालत ने एयरसेल—मैक्सिस केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम की अंतरिम सुरक्षा की अवधि 1 फरवरी तक बढ़ा दी है। इस मामले में पांच वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगे हैं जिनमें से एक अशोक चावला भी हैं. यह मामला विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) में भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता का है. इस मामले में सीबीआई जांच कर रही है कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने विदेशी फर्म्स को कैसे FIPB अप्रुवल दिया था क्योंकि इसके लिए वित्तीय मामलों के कैबिनेट कमेटी के पास ही अधिकार था. गत 19 जुलाई को सीबीआई ने 18 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था.